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तेरे दर पे आके थम गए न ना नमाजी बन गए एक दूजे में यूं ढल के आशिकाना आयत बन गए मैं और [संगीत] तुम कैसी दिल लगाई कर गए रूह की रुबाई बन गए खाली खाली दोनों थे जो थोड़ा सा दोनों भर गए मैं और तुम

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