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एक गड्डे में बिरयानी पॉट फाइंडिंग चैलेंज रानीगंज के गांव में भिक्षु कहकर एक अंधा आदमी रहता था वो मंदिर के पास भीख मांगते हुए जी रहा था भिक्षु का अच्छा मन था बाबू जी दान कीजिए बाबू जी आपको पुण्य मिलता है मां जी दान कीजिए मां जी बाबू जी मां जी

कहकर भीख मांगता था ऐसे मंदिर में आए लोग उसे दान करते थे वो सड़क के बगल में रखा हुआ पाइप्स के अंदर सोता था वहां पर कुछ अनाथ बच्चे भी रहते थे उनको भिक्षु उसके पास जो है उसमें कुछ ना कुछ खरीद कर देता था वही गांव में गौरव

कहकर एक धनवान रहता था आदमी अच्छा था लेकिन पैसे ज्यादा रहने के वजह से उसे बहुत घमंड था और कुछ काम नहीं करने के वजह से गांव में कई तरीके के प्रतियोगिता लगाता था वे बहुत अजीब से रहते थे एक पैर पर भागना साइकिल को पीछे के तरफ से

चलाना आग में से कूदना ऐसे अजीब और पागल जैसे मुकाबला रखता था उनमें जीतने वालों को पैसे बहुमानम पैसे जीतने के आस में बहुत सारे युवक उस मुकाबला में हिस्सा लेकर चोट लगाते रहते थे उनको देखकर गौरव क्रूर रूप से हंसता [हंसी] था एक दिन पाइप के पास आया भिक्षु को उधर

के बच्चे बहुत परेशान नजर आए क्या हुआ है बच् नीलू कहीं दिखाई नहीं दे रही है कहां गई है कहकर उस बच्ची का भैया से पूछा तब वो लड़का नीलू सुबह सुबह खेलते हुए बेहोश होकर गिर गई है सब घबरा गए थे और उसे सरकारी दवाखाने में भर्ती किए डॉक्टर ने

जांच करके उसके दिल में छेद है तुरंत ऑपरेशन करना है और उसके लिए 10 लाख खर्चा होते हैं कहा था ऑपरेशन नहीं किया तो वह दो दिन में मर जाएगी कह रहे हैं कहकर रोने लगा तब बिक्षु र म बेटा रो मत नीलू को कुछ नहीं होगा वो भगवान खुद

देख लेगा कहा लेकिन बिच्छू को भी क्या करना है कुछ समझ में नहीं आया अगले दिन मंदिर के पास एक ऑटो में एक आदमी घोषणा करते हुए जा रहा था सुनिए सुनिए ध्यान से सुनिए 10 लाख का इनाम 10 लाख का इनाम हमारा प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर जीतने

वाले को गौरव जी के हाथों से 10 लाख का इनाम जीतने का मौका है गांव में एक जगह पर पॉट में बिरयानी को छुपा कर रखते हैं उसे ढूंढने वालों को 10 लाख का इनाम दिया जाएगा सुनिए सुनिए सुनिए कह कर पुकारते हुए जाने लगा यह सुनकर भिक्षु सोच में पड़

गया अगले दिन प्रतियोगिता के जगह में गया उधर बहुत सारे युवक हिस्सा लेने के लिए तैयार थे उधर गौरव से भिक्षु श्रीमान गौरव साहब मैं भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता हूं क्या मुझे 10 लाख की बहुत जरूरत है कृपया करके मना मत कीजिए बाबू कहकर

पूछा तब गौरव क्यों रे बुड्ढे तुम्हें आंखें दिखाई नहीं देते हैं तुम कैसे हिस्सा ले सकते हो मुकाबला में ओ हो मुफ्त में मिलता है तो बिरयानी खाने के लिए आए हो क्या अच्छा है रे तुम्हारा चालाक बुद्धी ठीक है तुम भी हिस्सा ले लो देखते

हैं कहा ऐसा मुकाबला शुरू हुआ तब रेफरी ने विजिल मारते ही सब लोग बिरयानी ढूंढने के लिए निकल पड़े एक आदमी पेड़ पर चढ़ गया तो एक घर के चत पर चढ़कर ढूंढने [संगीत] लगा ऐसे सब लोग कई जगह पर ढूंढने लगे किसी को भी बिरयानी नहीं दिखाई दे रहा [संगीत]

था उनको देखते हुए गांव के लोग और गौरव भी उनके पीछे पीछे जाने लगे उनको बिरयानी नहीं मिलने के वजह से गौरव हंसने लगा भिक्षु तो धीरे से आगे जाकर एक मैदान में गया उसके साथ सब लोग उधर गए भिक्षु एक जगह पर रुककर देखिए कोई भी मुझे

एक लोहन दे सकते हैं क्या पूछा एक ने एक लोहन को दिया भिक्षु उससे उधर जमीन पर खोदने लगा तब उधर एक मटका में गरमागरम बिरयानी बाहर निकली वोह देखकर गांव वाले खुशी से थालिया बजाए तब गौरव सभाष सभाष अंधे होते हुए भी बहुत अच्छे से तुमने ढूंढ निकाला अब इतने

सारे पैसे क्या करोगे पूछा तब भिक्षु बाबू जी जो अंधे होते हैं उनको गंद की भावना ज्यादा रहता है इसलिए मुझसे यह हुआ ये पैसे मेरे लिए नहीं है एक अनाथ बच्ची की दिल का ऑपरेशन के लिए है जी कहा यह सुनकर गौरव को बहुत दुख लगा तब गौरव वे पैसे तुम

ही रख लो मैं उस बच्ची का ऑपरेशन करवाता हूं इतना ही नहीं अनाथ बच्चों के लिए और तुम्हारा जैसे विकलांग के लिए एक आश्रम निर्माण करता हूं इतने दिन मैंने बकवास के मुकाबला रखा है कहकर मुझे पता है अब बस है अब आप सब लोग मुझे अच्छा इंसान कहकर इज्जत

देंगे तो वही काफी है कहा ऐसे गौरव में आया बदलाव देखकर लोगों ने तालियां बजाए ऐसे गौरव ने बनाया आश्रम में बहुत सारे बेसहारा लोग खुशी से जीने लगे

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